एक अभ्यासी के पति गंभीर लक्षणों से पीड़ित थे, जिनका डॉक्टर निदान नहीं कर पा रहे थे। इसके बाद उन्होंने फालुन दाफा के अभ्यास शुरू किए, और उनकी छाती में जकड़न, सांस की तकलीफ़ तथा बेचैनी समाप्त हो गई।
एक अभ्यासी ने अपने पति की गंभीर स्वास्थ्य परीक्षा के दौरान यह गहराई से समझा कि केवल दृढ़ सद्विचार ही नहीं, बल्कि सभी के प्रति निःस्वार्थ करुणा रखना ही सच्ची साधना है, जिससे न केवल उनके पति स्वस्थ हुए बल्कि उनका स्वयं का साधना-स ...
20 जुलाई 1999 को न्यूयॉर्क छोड़ने के बाद मास्टर ली पहाड़ों के बीच से शांतिपूर्वक दुनिया को देख रहे हैं। (प्रकाशित 19 जनवरी 2000)
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20 जुलाई 1999 को न्यूयॉर्क छोड़ने के बाद मास्टर ली पहाड़ों के बीच से शांतिपूर्वक दुनिया को देख रहे हैं। (प्रकाशित 19 जनवरी 2000)