Image for article ​एक अशांत दुनिया में कमल का फूल बनना

मानवीय आसक्तियों को त्यागकर, सत्य-करुणा-सहनशीलता के अनुसार जीवन जीते हुए, साधना के माध्यम से स्वयं को शुद्ध कर एक अशांत दुनिया में भी कमल की तरह निर्मल और दृढ़ बना जा सकता है।

Image for article मास्टरजी की कृपा से चमत्कार हुए

मास्टरजी की करुणामयी कृपा और फालुन दाफा में दृढ़ विश्वास के माध्यम से, साधक और उसके परिवार ने अनेक कठिन परिस्थितियों और खतरों से चमत्कारिक रूप से संरक्षण और लाभ प्राप्त किया।

Image for article ​आक्रोश स्वयं के लिए और समाज के लिए विपत्ति का कारण बन सकता है

आक्रोश व्यक्ति और समाज दोनों के लिए विनाशकारी परिणामों और विपत्तियों का कारण बन सकता है।

20 जुलाई 1999 को न्यूयॉर्क छोड़ने के बाद मास्टर ली पहाड़ों के बीच से शांतिपूर्वक दुनिया को देख रहे हैं। (प्रकाशित 19 जनवरी 2000)

नवीनतम लेख

20 जुलाई 1999 को न्यूयॉर्क छोड़ने के बाद मास्टर ली पहाड़ों के बीच से शांतिपूर्वक दुनिया को देख रहे हैं। (प्रकाशित 19 जनवरी 2000)