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नाम: ज़ोउ पेइश्या 

चीनी नाम: 邹佩霞

लिंग: महिला

आयु: 70 वर्ष से अधिक

शहर: डोंगयिंगप्रांत: शानदोंग

पेशा: उपलब्ध नहीं

मृत्यु की तिथि: लगभग 20 मार्च, 2026

सबसे हाल की गिरफ्तारी: 17 सितंबर, 2019

हाल का हिरासत स्थल: डोंगयिंग शहर हिरासत केंद्र

शानदोंग प्रांत के डोंगयिंग शहर की 70 वर्ष से अधिक आयु की सुश्री ज़ोउ पेइश्या का लगभग 20 मार्च, 2026 को निधन हो गया। उन्होंने फालुन गोंग में अपनी आस्था के कारण कई दशकों तक लगातार उत्पीड़न सहा था।

सुश्री ज़ोउ ने लगभग 1996 में फालुन दाफा का अभ्यास शुरू किया और शीघ्र ही उनका स्वास्थ्य बेहतर हो गया। उनके पति, श्री गेंग लूतांग, भी उनके साथ अभ्यास करने लगे। अभ्यास शुरू करने के बाद उनका उच्च रक्तचाप ठीक हो गया और उन्होंने लगभग 30 वर्षों से चली आ रही शराब पीने की आदत भी छोड़ दी।

जब जुलाई 1999 में चीनी कम्युनिस्ट शासन ने फालुन गोंग का दमन शुरू किया, तब इस दंपति ने अपनी आस्था पर दृढ़ रहना चुना। इसके कारण वे बार-बार अधिकारियों के निशाने पर आए।

अक्टूबर 2000 में सुश्री ज़ोउ को तीन वर्ष के बलपूर्वक श्रम (फ़ोर्स्ड लेबर) की सज़ा सुनाई गई और उन्हें वांगछुन महिला श्रम शिविर भेजा गया, जहाँ उन्हें अनेक प्रकार की यातनाएँ सहनी पड़ीं।

शिविर के पहरेदारों ने उन्हें पीटा, कई-कई घंटों तक लगातार बैठने और खड़े रहने के लिए मजबूर किया, एकांत कारावास में रखा, शौचालय उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाया तथा बिना किसी पारिश्रमिक के कठोर श्रम करवाया।

इन यातनाओं के परिणामस्वरूप उन्हें गंभीर मानसिक विकार हो गया। मार्च 2002 में रिहा होने के बाद वे अक्सर चुपचाप रहती थीं और कभी-कभी लगातार दस दिनों तक न कुछ खाती थीं और न ही पानी पीती थीं। बाद में चिकित्सकों ने उनमें गंभीर अवसाद (डिप्रेशन) का निदान किया।

श्री गेंग उन्हें उपचार के लिए कई अस्पतालों में ले गए, लेकिन किसी उपचार से लाभ नहीं हुआ।

वर्ष 2007 में, कई वर्ष पहले दबाव के कारण अभ्यास छोड़ देने के बाद, दंपति ने पुनः फालुन दाफा का अभ्यास शुरू करने का निर्णय लिया।

कुछ ही समय में सुश्री ज़ोउ का अवसाद समाप्त हो गया और उनके घर में फिर से हँसी-खुशी लौट आई।

17 सितंबर, 2019 को यह दंपति एक मेले में लोगों को फालुन दाफा से अपने जीवन में आए चमत्कारी परिवर्तन के बारे में बता रहा था। उसी दौरान पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

श्री गेंग को हेकोउ हिरासत केंद्र भेजा गया, जबकि सुश्री ज़ोउ को डोंगयिंग शहर हिरासत केंद्र में रखा गया।

20 अक्टूबर, 2019 को श्री गेंग का रक्तचाप अत्यधिक खतरनाक स्तर तक पहुँच जाने के कारण उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया।

2 नवंबर, 2020 को डोंगयिंग शहर की अदालत ने वीडियो माध्यम से दोनों का मुकदमा चलाया। बाद में अदालत ने दोनों को तीन वर्ष और तीन महीने के कारावास तथा 30,000 युआन के जुर्माने की सज़ा सुनाई।

इसके अतिरिक्त, किसी अज्ञात समय पर उनकी पेंशन भी बंद कर दी गई।

दंपति पर हुए उत्पीड़न के विस्तृत विवरण के लिए 

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