(Minghui.org) शानदोंग प्रांत के लिनयी शहर के एक विवाहित दंपति को हाल ही में उनके फालुन गोंग के विश्वास के कारण कारावास की सज़ा सुनाई गई। फालुन गोंग एक आध्यात्मिक साधना पद्धति है, जिसका चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) द्वारा 1999 से उत्पीड़न किया जा रहा है।

श्री श्याओ युजुन को साढ़े पाँच वर्ष के कारावास और 50,000 युआन के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई। उनकी पत्नी सुश्री झांग आइमेई को साढ़े चार वर्ष के कारावास और 40,000 युआन के जुर्माने की सज़ा दी गई। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश झांग तियानयी, सहायक न्यायाधीश झांग चेंगशिन और लियू पिंग, न्यायाधीश के सहायक वांग याजिए तथा अदालत के क्लर्क लियू यालिन द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

दंपति को 22 जुलाई, 2025 को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। सादे कपड़ों में आए तीन पुलिस अधिकारी बिना दरवाज़ा खटखटाए घर में घुस गए। उन्होंने श्री श्याओ को एक कागज़ क्षणभर के लिए दिखाते हुए दावा किया कि वह तलाशी वारंट है, और फिर उन्हें अपने साथ ले गए।

कुछ ही समय बाद पुलिस वापस लौटी और सुश्री झांग को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घर की तलाशी ली, लेकिन जब्त की गई वस्तुओं की सूची पर हस्ताक्षर करने के लिए उन्हें कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई।

श्री श्याओ को मेंगयिन काउंटी हिरासत  केंद्र में रखा गया, जबकि सुश्री झांग को लिनयी शहर हिरासत केंद्र ले जाया गया। इसके तुरंत बाद यीनान काउंटी प्रोक्यूरेटरेट के अभियोजक मेंग छिंगशिउ ने उनके विरुद्ध अभियोग दायर कर दिया।

दंपति की सुनवाई 13 जनवरी और 13 मई, 2026 को यीनान काउंटी न्यायालय में हुई। उनके दोनों वकीलों ने उनकी ओर से निर्दोष होने की दलील पेश की।

वकीलों ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किलों को अपने विश्वास का पालन करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है और फालुन गोंग का अभ्यास करके उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। उन्होंने यह भी बताया कि जब दंपति ने 1997 में फालुन गोंग का अभ्यास शुरू किया था, तब सरकार इसके उल्लेखनीय स्वास्थ्य लाभों के कारण लोगों को इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती थी।

अभियोजक ने यह दावा किया कि दंपति ने “गंभीर अपराध” किए हैं, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। अभियोजन पक्ष ने जिन फालुन गोंग सामग्रियों को साक्ष्य के रूप में पेश किया, उनमें से कुछ पुरानी थीं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने जब्त की गई सामग्रियों की संख्या की भी दंपति से पुष्टि नहीं की।

अभियोजक ने गोंग माओफू और झांग युझी को ऐसे दो गवाहों के रूप में सूचीबद्ध किया, जिन्होंने कथित रूप से दंपति के विरुद्ध फालुन गोंग की सामग्री वितरित करने की शिकायत की थी। लेकिन दोनों में से कोई भी जिरह के लिए अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।

श्री श्याओ ने भी अपनी ओर से अदालत में गवाही दी। उन्होंने कहा कि चीन का कोई भी कानून फालुन गोंग को अपराध घोषित नहीं करता। उन्होंने यह भी बताया कि 2011 में चीन के प्रेस एवं प्रकाशन प्रशासन ने फालुन गोंग की पुस्तकों पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया था। उन्होंने अपने और अपनी पत्नी दोनों के लिए बरी किए जाने की मांग की।

22 जून, 2026 को न्यायाधीशों ने दंपति को दोषी ठहराते हुए सज़ा सुनाई। दंपति ने इस निर्णय के विरुद्ध अपील दायर कर दी है।