(Minghui.org) 19 से 24 जून के बीच बोस्टन के अभ्यासी अमेरिकन ट्रांसप्लांट कांग्रेस (ATC) 2026 के आयोजन स्थल के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले लोगों को फालुन गोंग के बारे में जानकारी दी और सीसीपी द्वारा किए जा रहे जबरन अंग-निकासी के निरंतर अपराधों के बारे में अवगत कराया।
अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ट्रांसप्लांटेशन (AST) और अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ट्रांसप्लांट सर्जन्स (ASTS) की संयुक्त वार्षिक बैठक, ATC 2026, 20 से 24 जून तक थॉमस एम. मेनिनो कन्वेंशन एंड एग्ज़िबिशन सेंटर में आयोजित की गई।
संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे बड़े अंग-प्रत्यारोपण सम्मेलन के रूप में, इस वर्ष के सम्मेलन में 53 देशों से 4,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें अंग-प्रत्यारोपण सर्जन, आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ, शोधकर्ता, अंगदान समन्वयक, फार्मासिस्ट, नर्सें, अंग-प्राप्ति एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य सेवा उद्योग से जुड़े अनेक विशेषज्ञ शामिल थे।
सम्मेलन स्थल के बाहर फुटपाथ पर खड़े फालुन दाफा अभ्यासी बैनर प्रदर्शित कर रहे थे और राहगीरों तथा प्रतिभागियों को सूचना-पत्र वितरित कर रहे थे। इन सामग्रियों में सीसीपी द्वारा फालुन गोंग अभ्यासियों से जबरन अंग निकालने के अपराधों की जानकारी दी गई थी।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे चीन में जारी इस अमानवीय अत्याचार पर ध्यान दें और साथ ही अमेरिकी सीनेट के S.4009 – फालुन गोंग तथा जबरन अंग-निकासी के पीड़ितों की संरक्षण अधिनियम का समर्थन करें।

बोस्टन में अमेरिकन ट्रांसप्लांट कांग्रेस (एटीसी) 2026 के बाहर अभ्यासियों ने संकेत दिए। (Minghui.org)
सम्मेलन में भाग लेने वाले कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने पहले कैलिफ़ोर्निया, पेंसिल्वेनिया और अमेरिका के अन्य राज्यों में अभ्यासी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से इस त्रासदी के बारे में सुना था। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने इसके बारे में पहले कभी नहीं सुना था और यह जानकर वे स्तब्ध रह गए।
वहाँ से गुजर रहे एक व्यक्ति ने समर्थन और प्रशंसा व्यक्त करने के लिए अभ्यासियों की ओर अंगूठा उठाकर संकेत किया। सम्मेलन का पहचान-पत्र पहने एक महिला ने अभ्यासियों से कहा,
"मैं इसके बारे में जानती हूँ, और मैं आपका समर्थन करती हूँ।"
एक अन्य महिला ने बताया कि वह फेफड़ों से संबंधित एक सहायता समूह की सदस्य है। उसने कहा कि उनके एक सत्र में चीन से आए एक डॉक्टर ने दावा किया था कि चीन ने अंगों की जबरन निकासी बंद कर दी है।
उस महिला ने एक अभ्यासी से पूछा कि क्या यह सच है।
अभ्यासी ने समझाया कि यद्यपि चीन ने 2015 में स्वैच्छिक अंगदान प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन चीनी सरकार द्वारा जारी आँकड़ों ने संदेह और बढ़ा दिए। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, चीन में अंग-प्रत्यारोपण के मामलों की वृद्धि दर स्वैच्छिक अंगदान की संख्या की तुलना में कहीं अधिक है, जिससे आधिकारिक दावों पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
अभ्यासी ने यह भी बताया कि इसी निरंतर जारी अत्याचार को संबोधित करने के लिए अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति ने S.4009 – फालुन गोंग तथा जबरन अंग-निकासी के पीड़ितों की संरक्षण अधिनियम का समर्थन किया है।
महिला ने जानकारी के लिए अभ्यासी का धन्यवाद किया और कहा कि वह इस विषय पर और अधिक जानकारी प्राप्त करेगी।
अभ्यासियों ने लोगों को "साइलेंट हार्वेस्ट: द करेज टू स्पीक अप" नामक वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) के बारे में भी बताया, जिसे डॉक्टर्स अगेंस्ट फोर्स्ड ऑर्गन हार्वेस्टिंग (DAFOH) ने निर्मित किया है।
इस फ़िल्म में अनेक चिकित्सा विशेषज्ञों, जैव-नैतिकता विशेषज्ञों तथा पीड़ितों की गवाहियों के माध्यम से सीसीपी द्वारा वर्षों से फालुन गोंग अभ्यासियों तथा अन्य विवेक बंदियों से जबरन अंग निकालने के अपराधों को उजागर किया गया है।
सम्मेलन में उपस्थित कई लोगों ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि 17 जून को अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति ने S.4009 को पारित कर दिया है और अब इस विधेयक पर पूरी अमेरिकी सीनेट में मतदान होना है।
यदि यह विधेयक कानून बन जाता है, तो जबरन अंग-निकासी में शामिल व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे, जिनमें वीज़ा संबंधी प्रतिबंध और उनकी संपत्तियों पर प्रतिबंध जैसी दंडात्मक कार्रवाइयाँ शामिल होंगी।
एलेजांद्रो सेंचुरियन (बाएं से पहले), डॉक्टर्स अगेंस्ट फोर्स्ड ऑर्गन हार्वेस्टिंग (एएफओएच) के उप निदेशक, इस कार्यक्रम में। (Minghui.org)
डॉक्टर्स अगेंस्ट फोर्स्ड ऑर्गन हार्वेस्टिंग (DAFOH) के उपनिदेशक अलेजान्द्रो सेन्टूरियोन ने आशा व्यक्त की कि अंग-प्रत्यारोपण क्षेत्र से जुड़े अधिकाधिक विशेषज्ञ सीसीपी द्वारा फालुन गोंग अभ्यासियों से जबरन अंग निकाले जाने के प्रमाणों की गंभीरता से जाँच करेंगे।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा समुदाय की ज़िम्मेदारी है कि वह चिकित्सा नैतिकता के सिद्धांतों की रक्षा करे और इतने महत्वपूर्ण मानवाधिकार मुद्दे पर मौन न रहे।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले फालुन दाफा अभ्यासी माइकल त्सांग ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय अंग-प्रत्यारोपण सम्मेलन में उपस्थित प्रतिभागियों के लिए वास्तविक तथ्यों को जानना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सा विशेषज्ञ, शोधकर्ता और समाज के अन्य लोग मिलकर प्रयास करें, तो वे सीसीपी द्वारा फालुन गोंग पर किए जा रहे दमन तथा जबरन अंग-निकासी जैसे अपराधों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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