(Minghui.org) मेरी सास 91 वर्ष की हैं। मार्च 1995 में जब उन्होंने फालुन दाफा का अभ्यास शुरू किया, तो उनकी सभी बीमारियाँ धीरे-धीरे समाप्त हो गईं। तब से उन्हें न तो कोई दवा लेने की आवश्यकता पड़ी है और न ही कोई इंजेक्शन लगवाना पड़ा है।
उनका बचपन अत्यंत गरीबी में बीता। उनके पिता के निधन के बाद उनकी माँ को दूसरों के यहाँ काम करके परिवार का पालन-पोषण करना पड़ा। उनके छोटे भाई को दूसरे परिवार को गोद दे दिया गया और उन्हें एक मंदिर भेज दिया गया। कुछ ही समय बाद उनकी माँ का भी निधन हो गया, इसलिए उनका पालन-पोषण उसी मंदिर में हुआ।
उन्होंने 1958 में विवाह किया और सेवानिवृत्ति तक नौकरी की। उनका स्वास्थ्य इतना खराब था कि वे केवल एक ही संतान—मेरे पति—को जन्म दे सकीं।
वे अनेक गंभीर बीमारियों से पीड़ित थीं, जिनमें हृदय रोग, मेनिएर रोग, पित्ताशय की सूजन, अस्थि क्षय रोग (बोन ट्यूबरकुलोसिस) और रूमेटॉयड आर्थराइटिस शामिल थे। रूमेटॉयड आर्थराइटिस के कारण उनके घुटनों के जोड़ विकृत हो गए थे और उनमें लगातार सूजन रहती थी।
पेट की समस्या के कारण वे कोई भी कच्ची या ठंडी चीज़ नहीं खा सकती थीं। यहाँ तक कि फल खाने से पहले भी उन्हें भाप में पकाना पड़ता था। यदि वे एक अंडा खा लेतीं, तो वह कई दिनों तक उनके पेट में रहता और उसे पूरी तरह पचने में लगभग एक महीना लग जाता था। इसके अलावा, उन्हें हर महीने सर्दी-जुकाम हो जाता था।
वे अक्सर कहती थीं, “मेरे शरीर का हर हिस्सा बीमार है, केवल मेरे बाल ही स्वस्थ हैं।” वे रो-रोकर डॉक्टरों से अपनी बीमारी ठीक करने की प्रार्थना करती थीं।
अपने स्वास्थ्य को सुधारने और कष्ट कम करने के लिए मेरी सास ने विभिन्न प्रकार के चीगोंग का अभ्यास किया। वर्षों के दौरान उन्होंने नौ अलग-अलग प्रकार के चीगोंग सीखे और उन पर काफी धन भी खर्च किया, लेकिन उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कोई सुधार नहीं हुआ।
फिर हमारे क्षेत्र में फालुन दाफा का परिचय हुआ। मेरी सास ने सोचा कि इसका अभ्यास निःशुल्क है, इसलिए उन्होंने इसे आज़माने का निर्णय लिया। उस समय उनकी आयु 60 वर्ष थी। दाफा का अभ्यास शुरू करने से पहले वे साधारण रूप से भी पालथी मारकर नहीं बैठ पाती थीं, लेकिन अभ्यास सीखते ही वे एक पैर वाली पद्मासन (सिंगल लोटस) में बैठने लगीं।
मेरी बेटी के जन्म के बाद मुझे प्रसवोत्तर जटिलताएँ हो गई थीं और दवाओं से कोई लाभ नहीं हो रहा था। इसलिए मैंने अपनी सास से "फालुन गोंग" पुस्तक मुझे उधार देने के लिए कहा। उस समय यही दाफा की एकमात्र उपलब्ध पुस्तक थी। उसे पढ़कर मुझे वह अत्यंत अद्भुत लगी, इसलिए सितंबर 1995 में मैं भी अभ्यास स्थल पर जाने लगी।
दाफा का अभ्यास शुरू करने के बाद मेरी सास के स्वास्थ्य में आश्चर्यजनक सुधार हुआ। उनकी सभी बीमारियाँ दूर हो गईं और वे हर प्रकार का भोजन खाने लगीं। वे पिछले 31 वर्षों से फालुन दाफा का अभ्यास कर रही हैं और इस दौरान उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं हुई। इसलिए वे अपने स्वास्थ्य बीमा कार्ड में मिलने वाली राशि का उपयोग दवाइयों के बजाय अन्य आवश्यक वस्तुएँ खरीदने में करती हैं।
जब जुलाई 1999 में दमन शुरू हुआ, तब भी मेरी सास ने अभ्यास नहीं छोड़ा। वे लोगों को बताती रहीं कि फालुन दाफा कितना अद्भुत है। उनके सहकर्मी उनके पुराने स्वास्थ्य की स्थिति से परिचित थे। जब वे पूछते कि अब उनका स्वास्थ्य कैसा है, तो वे कहतीं, "मैं फालुन दाफा की वजह से स्वस्थ हूँ।" वे जहाँ भी जातीं, दाफा के बारे में अच्छी बातें करतीं।
मुझे कई बार अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया। हर बार मेरी सास मुझे छुड़ाने के लिए पुलिस थानों, सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो, अभियोजन कार्यालयों और अदालतों के चक्कर लगाती रहीं। उन्होंने मेरी बेटी की कॉलेज की पढ़ाई का खर्च उठाया, अपनी सीमित पेंशन से अपना और मेरे पति का पालन-पोषण किया, और मेरे कानूनी खर्चों के लिए 10,000 युआन भी दिए।
मेरी सास के सहकर्मियों, रिश्तेदारों और मित्रों को यह पता था कि उनका स्वास्थ्य फालुन दाफा के कारण सुधरा है। उन्होंने अपने भाई के बेटे और उसकी पत्नी, अपनी बेटी और दामाद, तथा अपने पोते-पोतियों को भी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) और उससे संबद्ध संगठनों की सदस्यता छोड़ने में सहायता की।
दो वर्ष पहले सीसीपी ने फालुन दाफा को बदनाम करने के लिए प्रचार का एक नया अभियान शुरू किया। मेरी सास के कार्यस्थल का सुरक्षा प्रमुख स्थानीय पुलिस अधिकारियों को हमारे घर लेकर आया और उनसे एक गारंटी-पत्र पर हस्ताक्षर करने की माँग की, जिसमें यह लिखना था कि वे फालुन दाफा का अभ्यास छोड़ देंगी।
मेरी सास ने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया और सुरक्षा प्रमुख से कहा, "आप मेरे पुराने स्वास्थ्य की स्थिति को जानते हैं। फालुन दाफा सीखने से पहले मैं कितनी बीमार रहती थी। लगभग 30 वर्षों से मैं अभ्यास कर रही हूँ, पूरी तरह स्वस्थ हूँ और इस दौरान मैंने कोई दवा नहीं ली। यदि इस गारंटी-पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद मैं फिर से बीमार हो गई, तो उसका क्या होगा?"
सुरक्षा प्रमुख ने कहा, "आपके पास तो स्वास्थ्य बीमा है।" मेरी सास ने उत्तर दिया, "क्या स्वास्थ्य बीमा सब कुछ पूरा कर देगा? बीमार होना अपने आप में बहुत बड़ी पीड़ा है!" इसके बाद उन्होंने उन्हें बताया कि फालुन दाफा का अभ्यास शुरू करने के बाद उनके जीवन में कितने सकारात्मक परिवर्तन आए।
अंततः वे लोग उनसे गारंटी-पत्र पर हस्ताक्षर नहीं करवा सके। उन्होंने उनका फोटो तक नहीं लिया। जाते समय उन्होंने केवल इतना कहा, "आप घर पर ही अभ्यास कीजिए।" और फिर वे वहाँ से चले गए।
आज चीन में वृद्ध लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनमें से बहुत-से लोग खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं, नियमित रूप से दवाइयाँ लेते हैं, कुछ बिस्तर पर पड़े रहते हैं और कुछ लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहते हैं। ऐसे माता-पिता की देखभाल में उनके बच्चों का बहुत समय, श्रम और धन लगता है।
मेरी सास स्वस्थ रहकर न केवल देश के चिकित्सा संसाधनों पर होने वाले खर्च को कम कर रही हैं, बल्कि हमारे परिवार को भी अनेक प्रकार से लाभ पहुँचा रही हैं। वे अपना भोजन स्वयं बनाती हैं, अपने कपड़े स्वयं धोती हैं, और कई बार हमारे पूरे परिवार के लिए भी भोजन तैयार करती हैं।
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