(Minghui.org) मलेशिया के दक्षिणी क्षेत्र के फालुन दाफा अभ्यासियों ने 23 मई से 31 मई, 2026 तक कुलाई नगर में नौ-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इसमें अनुभवी अभ्यासियों के साथ-साथ ऐसे नए लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने अपने मित्रों या परिवार के सदस्यों के माध्यम से इस कार्यशाला के बारे में सुना था। नौ दिनों के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी समझ और अनुभव साझा किए तथा फालुन दाफा के संस्थापक मास्टरजी के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।

यह कार्यशाला प्रतिदिन दो से तीन घंटे तक चलती थी। प्रतिभागियों ने मास्टरजी के नौ व्याख्यानों के वीडियो देखे और फालुन दाफा के अभ्यास-व्यायाम सीखे।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी मास्टरजी के व्याख्यान का वीडियो देखते हुए (Minghui.org) 

  प्रतिभागी फालुन दाफा के अभ्यास-व्यायाम सीखते हुए। (Minghui.org)

नए अभ्यासी अपने अनुभव साझा करते हैं

सुश्री लिन ने अपनी बहन के घर पर दाफा का अभ्यास शुरू किया। एक रात उनकी बहन का परिवार मिलकर ज़ुआन फालुन पढ़ रहा था और उनके जीजा ने उन्हें इस पुस्तक की एक प्रति दी। बाद में वे उन्हें एक सामूहिक अभ्यास स्थल पर ले गए, जहाँ उन्होंने अन्य अभ्यासियों के साथ व्यायाम किए। वे घर पर भी अभ्यास करती थीं।

उनके कंधे का जकड़ाव (फ्रोजन शोल्डर), जिसके उपचार और मालिश पर उन्होंने बहुत धन खर्च किया था, अप्रत्याशित रूप से अपने आप ठीक हो गया और उन्हें इसका एहसास भी नहीं हुआ।

एक बार भारी सामान उठाते समय उनकी कमर में मोच आ गई। पूरे शरीर में तेज़ दर्द था और बैठना भी कठिन हो गया था, लेकिन उन्होंने फिर भी अभ्यास करना जारी रखा। बाद में उन्होंने पाया कि उनका दर्द पूरी तरह गायब हो गया था।

सुश्री लिन मास्टरजी के प्रति कृतज्ञ हैं और समझती हैं कि साधना के मार्ग पर मास्टरजी उनकी रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने नौ-दिवसीय कक्षा में प्रतिदिन समय पर भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से उन्हें बहुत लाभ हुआ और उन्होंने अपने चरित्र (शिनशिंग) को सुधारने के महत्व को समझा।

अहुआ ने अपनी पत्नी के साथ इस कार्यशाला में भाग लिया और इस साधना पद्धति के बारे में अधिक जाना। उन्होंने कहा कि व्यायाम सीखते समय उन्होंने अपने शरीर में स्पष्ट परिवर्तन महसूस किए। पहला अभ्यास करने के बाद उन्हें स्पष्ट रूप से महसूस हुआ कि उनका शरीर फैल रहा है और पूरी तरह शिथिल हो रहा है।

श्री फू ने पूरे नौ-दिवसीय कार्यक्रम में लगातार भाग लिया। इस बार का उनका अनुभव पहले की कक्षाओं से अलग था, क्योंकि वे गहराई से प्रेरित हुए और उन्होंने अपने अभ्यास में अधिक परिश्रमी बनने का संकल्प लिया। वे स्वयं को लगातार याद दिलाते रहे कि किसी भी परिस्थिति का सामना करते समय उन्हें अपने अंतर्मन में देखना चाहिए।

व्यायामों की पुनरावृत्ति करते समय उन्हें एहसास हुआ कि उनकी कुछ व्यायाम गतिक्रियायो में सुधार की आवश्यकता है। उन्हें ठीक करने के बाद उन्होंने अपने पूरे शरीर में एक विशेष प्रकार की सहजता और आराम का अनुभव किया।

अनुभवी अभ्यासी अधिक परिश्रमी बनने की आशा करते हैं

सुश्री तांग ने 2010 में दाफा का अभ्यास शुरू किया। अभ्यास शुरू करने से पहले उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएँ थीं और लंबे समय तक मालिश चिकित्सा कराने के बावजूद कोई विशेष लाभ नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि अभ्यास शुरू करने के बाद उनका मास्टरजी और दाफा में विश्वास दृढ़ हो गया और उनका स्वास्थ्य लगातार बेहतर होता गया।

फालुन दाफा सीखने से पहले, सुश्री तांग और उनके पति के बीच लंबे समय से मतभेद और संघर्ष बने रहते थे, यहाँ तक कि स्थिति तलाक तक पहुँच गई थी। अभ्यास शुरू करने के बाद दोनों ने एक-दूसरे के प्रति विचारशील और समझदार होना सीखा। उनके बीच के विवाद और झगड़े कम हो गए और परिवार में सौहार्द स्थापित हो गया। उनके बच्चों ने अपने माता-पिता में आए इस परिवर्तन को देखा और वे बहुत खुश हैं कि उनकी माँ दाफा का अभ्यास करती हैं।

सुश्री तांग ने कहा कि उन्हें पहले अनिद्रा की समस्या थी और वे लॉटरी टिकट खरीदने की भी शौकीन थीं, लेकिन अभ्यास शुरू करने के बाद उन्होंने अपनी इन बुरी आदतों को छोड़ दिया। वे साधना करने के इस अवसर को बहुत मूल्यवान मानती हैं और आगे और अधिक परिश्रमी बनने की आशा रखती हैं।

कार्यशाला के अंत में अभ्यासियों ने अपने अनुभव साझा किए, एक-दूसरे को और अधिक परिश्रमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया तथा आशा व्यक्त की कि भविष्य में अधिक से अधिक लोग नौ-दिवसीय सत्र में भाग लेकर दाफा के बारे में जानेंगे।