(Minghui.org) हेनान प्रांत के हेबी शहर की एक 32 वर्षीय महिला को फ़ालुन गोंग का अभ्यास करने के कारण 25 अगस्त, 2026 को एक वर्ष और तीन महीने की सज़ा सुनाई गई तथा 2,000 युआन का जुर्माना लगाया गया।
गिरफ़्तारी
सुश्री सु ली, जिनकी चार वर्ष की एक बेटी और तीन वर्ष का एक बेटा है, को 22 मई, 2025 को गिरफ़्तार किया गया। यह गिरफ़्तारी उन्हें फ़ालुन गोंग की सूचना-सामग्री वितरित करने की शिकायत किए जाने के एक सप्ताह बाद हुई। पुलिस ने उनकी सास के घर का पता उनकी ई-बाइक की लाइसेंस प्लेट के ज़रिए पता किया था, क्योंकि ई-बाइक उनकी सास के घर के पते पर पंजीकृत थी।
दबाव में आकर सुश्री सु की सास ने उनका घर का पता बता दिया। पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा और उनका प्रिंटर, फ़ालुन गोंग की पुस्तकें तथा सूचना-सामग्री ज़ब्त कर ली।
पुलिस के उनके घर पहुँचने से पहले ही सुश्री सु वहाँ से छिपने के लिए निकल गई थीं। पुलिस ने उनके फ़ोन का पता लगाने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया और अंततः 22 मई को हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में उन्हें पकड़ लिया।
ब्रेनवॉशिंग केंद्र में हिरासत और परिवार पर दबाव
सुश्री सु को हेबी शहर वापस लाया गया और एक ब्रेनवॉशिंग केंद्र में रखा गया। उनके पति को अपने दोनों छोटे बच्चों को केंद्र में ले जाने और सुश्री सु को फ़ालुन गोंग का त्याग करने के लिए मनाने के लिए मजबूर किया गया। उनकी माँ को भी वहाँ बुलाया गया ताकि वे सुश्री सु पर “काम कर सकें” (उन्हें अपना अभ्यास छोड़ने के लिए समझा सकें)। उनकी माँ ने ज़ोर देकर कहा कि फ़ालुन गोंग का अभ्यास करने से अभ्यासी कोई कानून नहीं तोड़ते हैं।
हेबी शहर के झांग उपनाम वाले एक उप महापौर ब्रेनवॉशिंग केंद्र गए और सुश्री सु की माँ तथा पति को धमकाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्होंने सुश्री सु की गिरफ़्तारी के बारे में बाहरी दुनिया को बताने की हिम्मत की, तो उन्हें भी गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।
ज़मानत पर रिहा होने के बाद उत्पीड़न
बाद में सुश्री सु को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया। गुचेंग पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने उनके घर पर उत्पीड़न किया और लगभग हर दिन उनकी तस्वीरें खींचीं। जब भी वे घर से बाहर निकलतीं, उनका पीछा किया जाता था।
पुलिस ने उनके पति और सास पर भी दबाव डाला कि वे सुश्री सु को फ़ालुन गोंग का अभ्यास करने से रोकें। यहाँ तक कि पड़ोसियों के साथ उनकी बातचीत की भी पुलिस को रिपोर्ट की जाती थी।
अक्टूबर 2025 में पुलिस को पता चला कि सुश्री सु के उत्पीड़न के बारे में एक रिपोर्ट Minghui.org पर प्रकाशित हुई थी। उन्होंने उनसे पूछताछ की कि यह रिपोर्ट किसने प्रकाशित की और उनकी माँ को गिरफ़्तार करने की धमकी दी। उनके पति छोटे-मोटे काम करने के लिए शहर से बाहर थे और उन्हें अपने दोनों बच्चों की देखभाल करने में कठिनाई हो रही थी। उनकी सास की माँ, जो बिस्तर पर पड़ी रहती थीं और चलने-फिरने में असमर्थ थीं, भी उनके साथ रहने आ गईं।
सुश्री सु लगातार तनाव में रहने लगीं और मानसिक रूप से टूटने की कगार पर पहुँच गईं। पुलिस उन्हें परेशान करती रही और दोबारा हिरासत में लेने की धमकी देती रही। उनकी मानसिक स्थिति अस्थिर हो गई। लगभग 10 नवंबर 2025 को उनके पति घर लौटे और उन्हें एक मनोरोग अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस ने उनके इलाज कर रहे डॉक्टर को फ़ोन किया और ऑनलाइन अपने द्वारा किए गए उत्पीड़न को उजागर करने के लिए सुश्री सु के बारे में शिकायत की। 13 जनवरी, 2026 को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, पुलिस ने उनकी सास को चेतावनी दी कि वे सुश्री सु को बाहर न जाने दें।
उप महापौर झांग ने भी Minghui.org पर लेख प्रकाशित करने वाले व्यक्ति को खोजने के लिए जाँच शुरू कर दी।
दोबारा गिरफ़्तारी और मुकदमा
पुलिस ने अप्रैल 2026 में सुश्री सु को अपराध स्वीकार करने वाला एक बयान लिखने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी ज़मानत की अवधि समाप्त होने वाली है और उन्हें दोबारा हिरासत में लेने की धमकी दी। 11 मई, 2026 को उन्हें फिर से गिरफ़्तार कर हेबी शहर हिरासत केंद्र में रखा गया।
आर्थिक विकास क्षेत्र के पुलिस विभाग ने उनका मामला शानचेंग जिला अभियोजन कार्यालय को सौंप दिया। अभियोजन कार्यालय ने उन पर अभियोग लगाया और मामला शानचेंग जिला न्यायालय को भेज दिया।
सुश्री सु पर 25 अगस्त, 2026 को मुकदमा चलाया गया। उन्होंने अपने बचाव में स्वयं गवाही दी और उनके वकील ने भी उनकी ओर से दोषी न होने की दलील पेश की।
31 अगस्त, 2026 को दोषसिद्धि का निर्णय जारी किया गया। उस पर पीठासीन न्यायाधीश झांग पेई, सहायक न्यायाधीश झांग श्याओ और यांग लिमिन, लिपिक हुओ जिंगनान तथा अभियोजक श्यू दावेई के हस्ताक्षर थे।
सुश्री सु अब इस निर्णय के विरुद्ध अपील कर रही हैं।
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