(Minghui.org) Minghui.org ने पहले यह समाचार प्रकाशित किया था कि हुबेई प्रांत के माचेंग शहर निवासी श्री झोउ शियानचेंग का फालुन दाफा का अभ्यास करने के कारण दूसरी बार कारावास की सज़ा पूरी करने के कुछ ही समय बाद निधन हो गया।
अब प्राप्त नई जानकारी के अनुसार, 84 वर्षीय श्री झोउ को संभवतः दिसंबर 2021 के अंत या जनवरी 2022 की शुरुआत में कारावास की सज़ा सुनाई गई थी। उन्हें जनवरी 2022 में फानजियाताई कारागार भेजा गया, जहाँ उन्हें नए कैदियों के लिए निर्धारित बैरक में रखा गया।
कारागार के पहरेदारों ने श्री झोउ पर अपने विश्वास का त्याग करने का दबाव डाला। उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया और इसके बजाय ऊँचे स्वर में कहा, “फालुन दाफा अच्छा है।”
पहरेदारों ने उनका मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि वे अस्सी वर्ष से अधिक आयु में भी जेल में हैं। उन्हें अपने हाथों और पैरों के नाखून तक काटने की अनुमति नहीं दी गई। उनके साथ रहने वाले कैदियों ने उनके भोजन से मांस निकाल लिया और फिर उन पर ही मांस वापस लेने के लिए झगड़ा करने का आरोप लगाया।
अप्रैल 2022 में श्री झोउ को एक अन्य बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया। वहाँ उनके साथ हुए उत्पीड़न का पूरा विवरण अभी तक सामने नहीं आया है और इसकी आगे जाँच की जानी बाकी है।
कारावास से रिहा होने के कुछ ही समय बाद 25 जनवरी 2025 को उनका निधन हो गया।
अपनी अंतिम गिरफ्तारी और कारावास से पहले भी श्री झोउ को आठ बार गिरफ्तार किया जा चुका था। इनमें से एक गिरफ्तारी के बाद उन्हें तीन वर्ष के कारावास की सज़ा सुनाई गई थी।
पहली कारावास की सज़ा
श्री झोउ की अंतिम गिरफ्तारी से पहले वाली गिरफ्तारी 15 मार्च 2015 को हुई, जब उनकी आयु 75 वर्ष थी।उन्हें वुहान शहर के पानतांग पुलिस थाने के अधिकारियों ने लोगों को फालुन दाफा के बारे में जानकारी देने के कारण गिरफ्तार किया।उन्हें वुहान के शिनझोउ जिला हिरासत केंद्र में रखा गया।
शिनझोउ जिला न्यायालय ने उनके मामले की सुनवाई 15 जून और 17 जुलाई 2015 को की। इसके बाद 20 जुलाई 2015 को उन्हें तीन वर्ष के कारावास की सज़ा सुनाई गई।पूरी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उनके परिवार को किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई।
फानजियाताई कारागार में सज़ा काटते समय अन्य कैदियों ने उनके साथ मारपीट की, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
जब फरवरी 2016 में उनके परिवार ने उनसे मिलने की अनुमति माँगी, तो कारागार प्रशासन ने शर्त रखी कि परिवार पहले 610 कार्यालय से यह प्रमाणपत्र लाए कि वे स्वयं फालुन दाफा का अभ्यास नहीं करते।
यह स्पष्ट नहीं है कि परिवार यह प्रमाणपत्र प्राप्त कर पाया या नहीं।
दूसरी कारावास की सज़ा
5 मार्च 2018 को रिहा होने के बाद श्री झोउ को 28 मार्च 2021 की रात लगभग 8 बजे उनके माचेंग स्थित घर से फिर गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तारी करने वाले अधिकारी फिर से पानतांग पुलिस थाने के थे।
उस समय उनकी पत्नी अल्ज़ाइमर रोग से पीड़ित थीं और उनके सभी बच्चे दूसरे शहरों में काम करते थे। इसके बावजूद पुलिस उन्हें वुहान के शिनझोउ जिले स्थित लियूजी ब्रेनवॉशिंग सेंटर ले गई।कुछ सप्ताह बाद उन्हें शिनझोउ जिला हिरासत केंद्र भेज दिया गया।
यद्यपि उनकी अधिक आयु के कारण हिरासत केंद्र ने प्रारंभ में उन्हें रखने से इनकार कर दिया था, लेकिन शिनझोउ जिला पुलिस विभाग के प्रमुख झू शिंगांग के दबाव में उन्हें स्वीकार करना पड़ा।बाद में श्री झोउ को गुप्त रूप से अज्ञात अवधि के कारावास की सज़ा सुनाई गई और उन्हें फिर से फानजियाताई कारागार भेज दिया गया।
संभवतः जनवरी 2025 की शुरुआत में उनकी रिहाई हुई, लेकिन कुछ ही समय बाद उनका निधन हो गया।
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