(Minghui.org) स्वीडन ने 6 जून 2026 को अपना राष्ट्रीय दिवस मनाया। इस अवसर पर फालुन दाफा अभ्यासियों ने 5 से 7 जून तक स्टॉकहोम में नोबेल म्यूजियम के सामने गतिविधियाँ आयोजित कीं, ताकि लोगों को इस आध्यात्मिक साधना पद्धति के बारे में जानकारी दी जा सके।
कई आगंतुक फालुन दाफा के बारे में अधिक जानने के लिए आए। उन्होंने अपना समर्थन व्यक्त किया और फालुन गोंग पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के दमन को समाप्त करने की मांग वाली याचिका पर हस्ताक्षर किए। इनमें कुछ चीनी पर्यटक भी शामिल थे, जिन्होंने इस साधना पद्धति तथा सीसीपी द्वारा किए जा रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
चूँकि राष्ट्रीय दिवस ग्रीष्म ऋतु में आता है, इसलिए स्थानीय लोग अपने परिवारों के साथ बाहर और प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं। स्वीडन की सुंदर राजधानी स्टॉकहोम तथा अन्य शहरों में बड़े समारोह और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर कई संग्रहालय भी निःशुल्क खोले जाते हैं।
लोग उत्सव के पारंपरिक परिधान पहनते हैं, स्वीडन का राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर एक साथ इस पर्व का आनंद मनाते हैं और राष्ट्रीय दिवस की खुशियाँ साझा करते हैं।




5 से 7 जून तक फालुन गोंग अभ्यासियों ने नोबेल म्यूजियम के सामने लोगों को जागरूक किया और याचिका पर हस्ताक्षर एकत्र किए। (Minghui.org)
फालुन गोंग अभ्यासियों ने नोबेल संग्रहालय के सामने स्थित छोटे लेकिन व्यस्त चौक में अभ्यासों का प्रदर्शन किया। आसपास की चहल-पहल और भीड़भाड़ के बीच उनकी शांत और सौम्य उपस्थिति ने राहगीरों का ध्यान आकर्षित किया।
लोगों ने सूचना-पत्रक स्वीकार किए, प्रदर्शनी बोर्डों को ध्यान से पढ़ा, और अनेक लोगों ने उत्पीड़न का विरोध करने वाली याचिका पर हस्ताक्षर किए। कुछ लोगों ने अभ्यासों में विशेष रुचि दिखाई और अभ्यासियों से सीधे अभ्यास की गतिविधियाँ सीखीं। कई लोगों ने कहा कि अभ्यासियों की शांतिपूर्ण ऊर्जा और सौहार्दपूर्ण व्यवहार ने उन्हें प्रभावित किया तथा वे फालुन गोंग के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं।


लोगों ने अभ्यास सीखे और फालुन गोंग के समर्थन में याचिका पर हस्ताक्षर किए
अमेरिकी पर्यटकों ने फालुन गोंग के सिद्धांतों की सराहना की
पर्यटक लुईस और उनके 70 वर्ष से अधिक आयु के माता-पिता प्रदर्शनी बोर्ड पढ़ने के बाद स्तब्ध रह गए। तीनों ने उत्पीड़न को समाप्त करने की मांग वाली याचिका पर हस्ताक्षर किए। लुईस ने कार्यक्रम का वीडियो भी बनाया और एक अभ्यासी से लंबे समय तक बातचीत की।
जब उन्हें पता चला कि यूनाइटेड स्टेट्स हाउस ऑफ़ रेप्रेसेंटेटिवेस ने फालुन गोंग संरक्षण अधिनियम पारित किया है, तो वे लगातार सहमति में सिर हिलाते रहे। उन्होंने कहा:
“संयुक्त राज्य अमेरिका ने पिछले वर्ष इतना बड़ा निर्णय लिया, और हमें इसकी जानकारी भी नहीं थी। इससे पता चलता है कि आप यहाँ जो कार्य कर रहे हैं, वह कितना महत्वपूर्ण है। निश्चित रूप से हम इसका समर्थन करते हैं!”
जब लुईस ने फालुन दाफा के सिद्धांत सत्यनिष्ठा, करुणा और सहनशीलता के बारे में जाना, तो वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा:
“ये तीनों शब्द अद्भुत हैं। विशेषकर ‘सहनशीलता’ के मामले में, मैं और मेरे पिता दोनों अच्छा नहीं कर पाए हैं। हम दैनिक जीवन में आसानी से क्रोधित हो जाते हैं। अब मुझे समझ आ गया है कि आगे मुझे क्या करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि वे इन सिद्धांतों का पालन करके स्वयं को बेहतर बनाना चाहते हैं और जानकारी साझा करने के लिए अभ्यासियों का धन्यवाद किया।
“मैंने कभी नहीं सोचा था कि 200 से अधिक वर्षों के इतिहास वाले अमेरिका से यहाँ आकर मुझे चीन की 5,000 वर्षों पुरानी पारंपरिक संस्कृति के बारे में सुनने का अवसर मिलेगा। हम बहुत भाग्यशाली हैं। मैं चीन की इस प्राचीन साधना पद्धति को सीखना चाहता हूँ।”
उनके पिता ने भी सहमति जताते हुए कहा:
“हाँ, बिल्कुल सही। आज हमारे पूरे परिवार ने इन सिद्धांतों को सीखा है और हम इन्हें याद रखेंगे। घर लौटने के बाद हम सभी इनका पालन करेंगे। हम फालुन गोंग भी सीखेंगे। आप सभी का धन्यवाद!”
जर्मन दंपति ने अभ्यासियों की प्रशंसा की
जर्मनी से आए एक दंपति ने सीसीपी द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न और राज्य-समर्थित जबरन अंग-निकासी के बारे में जाना। पति ने अपने एक मित्र का उल्लेख किया, जो जर्मनी में एक उच्च पदस्थ अधिकारी हैं:
“जब मेरा मित्र व्यापारिक कार्य से चीन गया था, तो उसकी वहाँ कुछ लोगों से मुलाकात हुई। बाद में जर्मनी लौटने पर, घर बदलते समय किसी ने उसे एक चित्र भेंट किया था। उस समय वह इससे बहुत खुश था।
बाद में जब उसने फिर से घर बदला, तो उसे संयोगवश पता चला कि उस चित्र के पीछे एक सुनने वाला उपकरण (लिसनिंग डिवाइस) लगाया गया था! अर्थात वह सीसीपी की निगरानी में था।”
दंपति ने कहा कि वे फालुन गोंग के उत्पीड़न-विरोधी प्रयासों का समर्थन करते हैं और इस संदेश को अधिक लोगों तक पहुँचाने में सहायता करेंगे।
उन्होंने अभ्यासियों से कहा:“आज आप (फालुन गोंग अभ्यासी) जो कर रहे हैं, वह उत्कृष्ट और प्रशंसनीय है। लोग आपको हमेशा याद रखेंगे।”


आगंतुकों ने सूचना-पत्रक लिए और अभ्यासियों से अधिक जानकारी प्राप्त की
क्रोएशियाई पर्यटक फालुन दाफा के बारे में जानकर प्रसन्न हुए
“वाह! यह बहुत अच्छा है!” क्रोएशिया से आए एक दंपति ने अपनी भाषा में छपा फालुन गोंग का सूचना-पत्रक हाथ में लेते हुए कहा। “हमें यह पता ही नहीं था कि हमारे जैसे छोटे देश में भी लोग फालुन गोंग का अभ्यास करते हैं!”
उन्होंने याचिका पर हस्ताक्षर किए और अपनी भाषा में उपलब्ध सूचना-पत्रक साथ ले गए।
एक अभ्यासी ने उन्हें बताया कि फालुन दाफा एक उच्च-स्तरीय साधना पद्धति है, जिसे मई 1992 में ली होंगजी द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया गया था। साधक सत्यनिष्ठा, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों का पालन करते हुए अपने नैतिक चरित्र और स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। यह साधना 100 से अधिक देशों में फैल चुकी है, और इसकी मुख्य पुस्तक जुआन फालुन का 50 से अधिक भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है। यह जानने के बाद दंपति ने अभ्यास सीखने में गहरी रुचि दिखाई।
चीनी पर्यटकों ने फालुन गोंग के बारे में जाना
6 जून की दोपहर को चीन से आए कई पर्यटक इस कार्यक्रम के पास रुके। उनमें से एक मध्यम आयु के व्यक्ति ने प्रदर्शनी बोर्डों को देखते हुए पूछा:
“आप जो बातें कह रहे हैं, उनके क्या प्रमाण हैं? मुझे तो ऐसा लगता है कि आप इससे पैसा कमा रहे हैं।”
एक अभ्यासी ने उन्हें अपना व्यक्तिगत अनुभव बताया कि किस प्रकार फालुन गोंग का अभ्यास करने के बाद उनका स्वास्थ्य सुधरा। उन्होंने तथाकथित तिआनंमेंन स्क़्वेअर सेल्फ-इम्मोलेशन इंसिडेंट के बारे में भी चर्चा की और बताया कि इसे फालुन गोंग को बदनाम करने के लिए प्रचारित किया गया था। साथ ही, उन्होंने चीन में राज्य-समर्थित जबरन अंग-निकासी के आरोपों के बारे में भी जानकारी दी।
अभ्यासी ने यह भी बताया कि जुआन फालुन पुस्तक को फालुन दाफा की आधिकारिक वेबसाइट से निःशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने समझाया कि सीसीपी लोगों को इस पुस्तक को पढ़ने से हतोत्साहित करती है क्योंकि वह अपने वैचारिक नियंत्रण को खोने से डरती है। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों का पालन करने वाले शांतिपूर्ण लोगों के दमन का कोई वैध कानूनी आधार नहीं है।
धीरे-धीरे वह व्यक्ति विरोधी दृष्टिकोण से हटकर तथ्यों को समझने लगा। अभ्यासी की सहायता से उसने सीसीपी से अपना संबंध समाप्त करने की घोषणा की और युवा लीग तथा यंग पायोनियर्स से भी अपना नाम वापस लेने का निर्णय लिया। उसने अपने त्याग-पत्र प्रमाणपत्र संख्या का फोटो अपने फोन में सुरक्षित कर लिया। जाते समय वह प्रसन्न था और अभ्यासी को धन्यवाद देकर विदा हुआ।
चीन से आई दो महिलाओं ने भी प्रदर्शनी बोर्डों को देखा। वे स्पष्ट रूप से सीसीपी के प्रचार से प्रभावित और भ्रमित थीं। एक अभ्यासी ने उनके विभिन्न प्रश्नों का उत्तर दिया और उत्पीड़न से संबंधित तथ्यों को विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि तथाकथित तियानमेन आत्मदाह घटना का उपयोग फालुन गोंग को बदनाम करने के लिए किया गया था।
दोनों महिलाओं ने ध्यानपूर्वक बातें सुनीं। जाने से पहले उन्होंने एक जानकारी पुस्तिका और नाइन कमेंटरीज ऑन द कम्युनिस्ट पार्टी की एक प्रति अपने साथ ली।
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