(Minghui.org) “यह केवल एक चिकित्सकीय मुद्दा नहीं है, बल्कि अच्छाई और बुराई के बीच की लड़ाई है,” यह बात डॉक्टर्स अगेंस्ट फोर्स्ड ऑर्गन हार्वेस्टिंग (DAFOH) की प्रतिनिधि जेनी शीक्स ने अपने भाषण में कही। “यदि हमें पता हो कि क्या हो रहा है और फिर भी हम चुप रहें, तो हम न्याय की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल होंगे।”

पेंसिल्वेनिया के एलेंटाउन में मुख्यालय वाले लेहाई वैली टी पार्टी ने 4 जून 2026 को आयोजित अपनी बैठक में DAFOH की प्रतिनिधि डॉ. जेसिका रूसो और सुश्री जेनी शीक्स को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने वृत्तचित्र साइलेंट हार्वेस्ट: द करेज टू स्पीक अप  प्रदर्शित किया और उसके बाद उपस्थित लोगों के प्रश्नों के उत्तर दिए।

डॉ. रूसो और सुश्री शीक्स ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) द्वारा जीवित फालुन गोंग अभ्यासीओं से जबरन अंग निकालने के अत्याचार के बारे में बताया और श्रोताओं से अभ्यासीओं तथा विक्टिम्स ऑफ फोर्स्ड ऑर्गन हार्वेस्टिंग प्रोटेक्शन एक्ट (S.4009) का समर्थन करने का आवाहन किया। यह विधेयक 5 मार्च 2026 को अमेरिकी सीनेट में प्रस्तुत किया गया था। उपस्थित लोगों में से कई ने अपने अमेरिकी सीनेटरों को संदेश भेजकर इस विधेयक का समर्थन करने का अनुरोध किया। लेहाई वैली टी पार्टी के अध्यक्ष एंड्रयू अज़ान ने कहा कि यह कार्यक्रम उनके सदस्यों और अतिथियों के लिए “अत्यंत जानकारीपूर्ण” था।

श्री अज़ान के परदादा चीन से थे। उन्होंने कहा: “यह पूर्ण रूप से बुराई है कि चीन यह [जबरन अंग-निकासी] करता है। जिस बात ने मुझे सबसे अधिक झकझोर दिया, वह यह है कि, यदि मैं सही समझ रहा हूँ, तो बहुत से विदेशी विशेष रूप से वहाँ हृदय या गुर्दा प्रत्यारोपण कराने के लिए जाते हैं।”

4 जून की बैठक में लेहाई वैली टी पार्टी ने डॉ. जेसिका रूसो और जेनी शीक्स को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया बाएँ से दाएँ: डॉ. जेसिका रूसो, एंड्रयू अज़ान और जेनी शीक्स (Minghui.org)

श्री अज़ान ने कहा कि वे अपने सदस्यों को लिंक भेजेंगे, ताकि वे अपने अमेरिकी सीनेटरों से संपर्क कर अपनी चिंताएँ व्यक्त कर सकें। उन्होंने कहा: “हम अंग-निकासी के विरोधी हैं। मेरी चिंता यह है कि यह ऐसी चीज़ है जो अंततः संयुक्त राज्य अमेरिका तक भी पहुँच सकती है।”

श्री अज़ान ने कहा कि अधिकांश लोगों को चीन में जीवित लोगों से जबरन अंग-निकासी के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। एक सदस्य ने उनसे कहा कि यह कार्यक्रम “जानकारीपूर्ण होने के साथ-साथ विचलित करने वाला भी था।” उस व्यक्ति ने आशा व्यक्त की कि DAFOH के प्रतिनिधि फिर से आएँ और इस विषय पर और अधिक गहन चर्चा करें।

लेहाई वैली टी पार्टी पेंसिल्वेनिया का सबसे बड़ा जमीनी स्तर का रूढ़िवादी संगठन है। यह एक गैर-लाभकारी, गैर-दलीय संगठन है, जिसके 7,000 से अधिक सदस्य हैं। इसका मिशन स्वतंत्रता की घोषणा में स्थापित अविच्छेद्य व्यक्तिगत अधिकारों को बनाए रखते हुए अमेरिकी मूल्यों की पुनर्स्थापना करना है।

साइलेंट हार्वेस्ट ने जीवित लोगों से अंग-निकासी के सीसीपी अपराधों को उजागर किया

साइलेंट हार्वेस्ट: द करेज टू स्पीक अप  चीन में अनैतिक अंग व्यापार पर आधारित एक वृत्तचित्र है। इसका निर्माण DAFOH ने किया और इसका प्रथम प्रदर्शन इस वर्ष 16 मई को वाशिंगटन डी.सी. में हुआ।

यह फिल्म चिकित्सा आँकड़ों के विश्लेषण और दस से अधिक चिकित्सकों के साक्षात्कार प्रस्तुत करती है, जिनमें एक प्रसिद्ध प्रत्यारोपण सर्जन, नैतिकता विशेषज्ञ, चीन विशेषज्ञ और पीड़ित शामिल हैं।

2006 में स्थापित डॉक्टर्स अगेंस्ट फोर्स्ड ऑर्गन हार्वेस्टिंग (DAFOH), सीसीपी द्वारा जीवित लोगों से जबरन अंग-निकासी के अपराधों की जाँच करने और उन्हें रोकने के लिए समर्पित है। इस संगठन को तीन बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया जा चुका है।

फिल्म में एक विशेषज्ञ ने कहा कि चीन में डॉक्टर बहुत कम समय में यकृत, गुर्दे और हृदय प्रत्यारोपण की व्यवस्था कर सकते हैं। इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में, जहाँ अंगदान की व्यवस्था लंबे समय से मौजूद है, लोगों को प्रत्यारोपण के लिए अक्सर कई महीनों या यहाँ तक कि वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।

चीन में बड़ी संख्या में उच्च-गुणवत्ता वाले अंगों को इतनी तेजी से उपलब्ध कराने का एकमात्र तर्कसंगत स्पष्टीकरण यह है कि रोगियों का मिलान एक विशाल अंग-भंडार में मौजूद संभावित दाताओं से किया जाता है। ये तथाकथित “दाता” वास्तव में विवेक के कैदी हैं, जिनकी इच्छा के विरुद्ध उनके रक्त की जाँच और प्रोफाइलिंग की गई है।

सुश्री शीक्स के अनुसार, चीन में फालुन गोंग अभ्यासी, उइगर और अन्य धार्मिक विश्वास रखने वाले लोगों को अक्सर गिरफ्तार कर जेलों और ब्रेनवॉशिंग केंद्रों में बंद कर दिया जाता है, जहाँ उन्हें जबरन रक्त और ऊतक परीक्षण कराने के लिए मजबूर किया जाता है। उनका डेटा एक डेटाबेस में संग्रहीत किया जाता है।

जब किसी व्यक्ति को अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, तो अधिकारी इस डेटाबेस से तुरंत उपयुक्त “दाता” ढूँढ सकते हैं, उस व्यक्ति को अस्पताल ले जा सकते हैं और जीवित दाता से अंग निकाल सकते हैं।

फिल्म में उद्धृत जाँच रिपोर्टों के अनुसार, चीन में प्रतिवर्ष किए जाने वाले अंग प्रत्यारोपणों की वास्तविक संख्या 60,000 से 100,000 तक पहुँच सकती है, जो सरकार द्वारा प्रकाशित आधिकारिक आँकड़ों से कहीं अधिक है।

सुश्री शीक्स ने स्पष्ट किया कि “जीवित अंग-निकासी” सामान्य अंगदान नहीं है। यह “माँग के अनुसार हत्या” है, जिसे सीसीपी ने विशेष समूहों को निशाना बनाने के लिए संगठित किया है।

उन्होंने कहा: “ये लोग मूल रूप से एक जीवित अंग-भंडार थे। किसी भी समय वे अपनी जान गंवा सकते थे, क्योंकि वे किसी अंग प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त पाए गए थे। अंग प्रत्यारोपण की माँग को पूरा करने के लिए उनकी हत्या कर दी जाती थी।”

डॉ. रूसो ने कहा कि फालुन गोंग अभ्यासी एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हैं और सामान्यतः अच्छे स्वास्थ्य में रहते हैं। यही कारण था कि वे सीसीपी की अंग-निकासी योजना का निशाना बन गए।

उन्होंने कहा: “मूलभूत मानवाधिकारों का आनंद लेने के बजाय, वे वस्तुओं में बदल दिए गए और ऐसे अंगों के स्रोत बन गए, जिन्हें किसी भी समय इस्तेमाल कर समाप्त किया जा सकता था।”

विधेयक S.4009 का समर्थन करें और जीवित अंग-निकासी को समाप्त करें

दोनों वक्ताओं ने अमेरिकी सीनेट में प्रस्तुत विधेयक S.4009 के बारे में चर्चा की। इस विधेयक के अंतर्गत अमेरिकी सरकार को सीसीपी द्वारा किए जा रहे जबरन अंग-निकासी के अत्याचारों की जाँच करनी होगी और इन अपराधों में शामिल व्यक्तियों तथा संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाना होगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपने सीनेटरों से संपर्क करके इस विधेयक को शीघ्र पारित करने का आग्रह करने की अपील की।

डॉ. रूसो ने कहा कि सीसीपी अपने आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव का उपयोग अपने मानवाधिकार उल्लंघनों से संबंधित सूचनाओं और समाचारों को दबाने के लिए करता है। इस मुद्दे पर अधिकांश मुख्यधारा के मीडिया संस्थान और चिकित्सा संगठन मौन बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रत्यारोपण संगठन और चिकित्सा संस्थाएँ इन आरोपों से भली-भाँति परिचित हैं, फिर भी वे गहन जाँच करने से इनकार करती हैं और यहाँ तक कि उन समूहों से भी संवाद नहीं करतीं जो इन अपराधों को उजागर करते हैं।

उन्होंने कहा: “यह केवल चीन में मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला नहीं है, बल्कि पूरे चिकित्सा समुदाय के नैतिक सिद्धांतों से जुड़ा प्रश्न भी है।”

उनका मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मुद्दे की जाँच करने से लगातार इनकार करता रहा, तो इससे अंग प्रत्यारोपण प्रणाली और चिकित्सा नैतिकता में जनता का विश्वास कमजोर होगा।

सुश्री शीक्स ने कहा कि फालुन गोंग के विरुद्ध सीसीपी का दमन अब 27 वर्षों से जारी है। उन अभ्यासीओं से अंग निकालना, जो अपने विश्वास का त्याग करने से इनकार करते हैं, सीसीपी द्वारा किए जा रहे सबसे घृणित अपराधों में से एक है।

जीवित अंग-निकासी को समाप्त करने के लिए श्रोताओं की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया

फोरम में भाग लेने वाले कुछ लोगों ने पेंसिल्वेनिया के अमेरिकी सीनेटर जॉन फेटरमैन (डेमोक्रेट) को पत्र लिखकर S.4009 का समर्थन करने का आग्रह किया। पेंसिल्वेनिया के ही अमेरिकी सीनेटर डेव मैककॉर्मिक (रिपब्लिकन) ने 2025 में इसी प्रकार के एक विधेयक, फालुन गोंग प्रोटेक्शन एक्ट (S.817), का सह-प्रायोजन किया था।

कई लोगों ने DAFOH की विशेष जाँच रिपोर्ट की प्रतियाँ माँगी, ताकि वे इस जानकारी को अपने परिवार और मित्रों के साथ साझा कर सकें।

सुश्री शीक्स श्रोताओं की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया से बहुत प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा:

“एक महिला ने कहा कि उसने पहले भी सीसीपी की जबरन अंग-निकासी के बारे में सुना था। वह कई जाँच रिपोर्टें अपने साथ ले गई और उसने कहा कि भविष्य में जिन भी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों से उसकी मुलाकात होगी, वह यह जानकारी उनके साथ साझा करेगी। उसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस जारी मानवाधिकार अत्याचार के बारे में बताना था।”

प्रश्नोत्तर सत्र में सबसे पहले बोलने वाली एक महिला ने न्यूयॉर्क में अपने पति के साथ देखे गए शेन यून के प्रदर्शन के बारे में बताया। वह इस कला मंडली के शास्त्रीय चीनी नृत्य और संगीत से बहुत प्रभावित हुई थीं।

उन्होंने कहा:

“यह कार्यक्रम साम्यवादी शासन से पहले की चीनी संस्कृति को प्रदर्शित करता है और चीनी नृत्य की सर्वोच्च सुंदरता प्रस्तुत करता है। यह वास्तव में शानदार है।”

उन्होंने आगे कहा:

“यदि आपको अवसर मिले, तो आपको यह कार्यक्रम अवश्य देखना चाहिए। यह अद्भुत है और इसकी वेशभूषाएँ अत्यंत सुंदर हैं।”

उन्होंने यह भी कहा:

“सीसीपी लगातार चीन के बाहर भी इस नृत्य मंडली को दबाने का प्रयास करता है। कलाकारों को चीन में प्रवेश करने, वहाँ प्रदर्शन करने की तो बात ही छोड़िए, अनुमति तक नहीं है। फालुन गोंग के दमन के कारण कुछ नर्तक अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर लगातार चिंतित रहते हैं।”

कई प्रतिभागियों ने कहा कि वे चाहते हैं कि अधिक से अधिक अमेरिकी लोग जीवित फालुन गोंग अभ्यासीओं से अंग निकालने के सीसीपी के व्यवस्थित प्रयासों के तथ्यों को समझें। उनकी आशा है कि विधेयक S.4009 के पारित होने से मानवता के विरुद्ध ये अपराध समाप्त हो सकेंगे।