(Minghui.org) जैसे-जैसे नया साल 2026 नजदीक आ रहा है, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के अभ्यासी फालुन दाफा के संस्थापक श्री ली होंगझी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।

सिडनी में फालुन दाफा के अभ्यासी आदरपूर्वक मास्टर ली को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं

मेलबर्न में फालुन दाफा के अभ्यासी आदरपूर्वक मास्टर ली को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।

क्वींसलैंड में फालुन दाफा के अभ्यासी मास्टर ली को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।

कैनबरा में फालुन दाफा के अभ्यासी मास्टर ली को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में फालुन दाफा के अभ्यासी आदरपूर्वक मास्टर ली को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं

न्यूजीलैंड में फालुन दाफा के अभ्यासी आदरपूर्वक मास्टर ली को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।

क्वींसलैंड में एक अभ्यासी: फालुन दाफा का अभ्यास करने के बाद गंभीर रूप से बीमार पिता स्वस्थ हो गए

 एना ने कहा, “हे मास्टरजी, हमारे परिवार को नया जीवन देने के लिए आपका धन्यवाद। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं मास्टरजी!”

एना, जिनके पास अकाउंटिंग और फाइनेंस में बैचलर डिग्री है, ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में एक सुविधा स्टोर चलाती हैं।

एना के पिता कई वर्षों से बीमार थे और असहनीय पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने तो डॉक्टरों से आत्महत्या करने की गुहार लगाने तक का विचार किया था। उन्हें स्ट्रोक आया, जिसके बाद कई जटिलताएं उत्पन्न हुईं और उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। डॉक्टरों ने कहा कि अब वे उनकी मदद नहीं कर सकते, इसलिए उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्होंने परिवार को बताया कि उनका निधन किसी भी क्षण हो सकता है।

एना ने अपने पिता से पूछा, "क्या हमें वैकल्पिक तरीकों की तलाश नहीं करनी चाहिए?"

उसके पिता ने मना कर दिया, लेकिन एना ने उनसे विनती की, "कृपया हार मत मानिए। डॉक्टर आपकी मदद नहीं कर सकते, तो क्यों न कुछ और आजमा कर देखें? अगर कोशिश करने के बाद आपको पसंद न आए तो कोई बात नहीं।"

उन्होंने एना से कहा, “एक ग्राहक ने मुझे जुआन फालुन नाम की एक किताब दी।” एना को कुछ जाना-पहचाना सा लगा और उसने पूछा कि उन्हें यह किताब कब मिली थी। उन्होंने बताया कि दो साल पहले, लेकिन उन्होंने इसे कभी पढ़ा नहीं था। ग्राहक ने उन्हें एक कमल का फूल भी दिया था।

एना कई वर्षों से जीवन के अर्थ पर विचार कर रही थी। जब उसने जुआन फालुन के बारे में सुना, तो उसने तुरंत ऑनलाइन खोजबीन शुरू कर दी और उसे पढ़ना शुरू कर दिया। पहले कुछ पन्ने पढ़ने के बाद उसे एहसास हुआ कि यही वह जवाब था जिसकी उसे तलाश थी और यह एक ऐसी किताब थी जो उसका आध्यात्मिक रूप से मार्गदर्शन कर सकती थी।

उसने अपने पिता को फोन किया और कहा, “पिताजी, आपको इसे जरूर आजमाना चाहिए! मुझे जवाब मिल गया है, यही सच्चा मार्ग है। कृपया इसका अभ्यास कीजिए। आप बहुत भाग्यशाली हैं कि आपको यह महान अभ्यास मिला। अपने ग्राहक के घर जाइए और उनसे कहिए कि वे आपको बुनियादी आसन सिखा दें।” लेकिन उसके पिता ने मना कर दिया, “नहीं, रहने दीजिए। मैं इसे सीखना नहीं चाहता।”

एना ने अपने पिता से विनती की, “बस एक बार मेरे लिए यह कर दीजिए। मैं आपकी बेटी हूँ।” उस दिन, उनका दिल अचानक नरम पड़ गया। एना ने कहा, “मेरे पिता पहले कभी मेरी बात नहीं सुनते थे। अब वे व्यायाम सीखने के लिए अपने ग्राहक के घर जाते थे।”

कुछ देर अभ्यास करने के बाद उन्होंने एना से कहा, "मैं ठीक हो गया हूँ।" एना ने पूछा कि उसका क्या मतलब है। उन्होंने जवाब दिया, "मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरा शरीर उड़ रहा है, सारा दर्द गायब हो गया है, और मैं आराम और सुकून महसूस कर रहा हूँ।"

उसके पिता ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी इतना स्वस्थ महसूस नहीं किया था, कि उन्होंने कभी भी पूर्णतः रोगमुक्त होने का अनुभव नहीं किया था। उन्हें तो यह भी नहीं पता था कि ऐसा कोई अनुभव भी होता है। अब जब उनका शरीर वास्तव में स्वस्थ था और वे रोग की पीड़ा से मुक्त थे, तब एना और उसके पिता दोनों ने फालुन दाफा की महानता और असाधारणता को समझा।

जब एना ने दूसरों को यह कहानी सुनाई, तो उन्हें इस पर विश्वास करना मुश्किल लगा। “अगर किसी ने मुझे यह कहानी बिना खुद देखे सुनाई होती, तो मैं भी इस पर विश्वास नहीं करती। लेकिन यह सचमुच हुआ, और मेरी माँ ने भी इसे देखा,” एना ने कहा और आश्चर्य से बोली, “दाफा सचमुच चमत्कारिक है!”

एना ने मई 2023 में फालुन दाफा का अभ्यास शुरू किया। वह अक्सर अपने माता-पिता के साथ फा की शिक्षाओं से प्राप्त ज्ञान को साझा करती थीं। उनकी मां, जो हमेशा स्वस्थ रहती थीं, परिवार में सबसे लगनशील अभ्यासी बन गईं।

जैसे-जैसे एना साधना करती रही, उसे समझ में आया कि उसे अपने नैतिक चरित्र में निरंतर सुधार करना चाहिए, मास्टरजी को फ़ा-सुधार में सहायता करनी चाहिए और अधिक से अधिक जीवों को बचाने में उनकी मदद करनी चाहिए। नव वर्ष के करीब आते ही उसने कहा, “मैं मास्टरजी को हमारे पूरे परिवार को हमारे सच्चे मूल की ओर लौटने के मार्ग पर मार्गदर्शन करने के लिए धन्यवाद देती हूँ, और मैं मास्टरजी को हमारे पूरे परिवार को नया जीवन देने के लिए धन्यवाद देती हूँ। मास्टरजी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!”

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की एक खुश माँ और उसके दो बच्चे मास्टर के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं

अभ्यासियों का एक परिवार, जिसमें माता थाओ, पुत्र खीम और पुत्री हन्ह शामिल हैं, मास्टरजी जी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं!

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की पोषण विशेषज्ञ थाओ ने हाल ही में फालुन दाफा का अभ्यास शुरू किया है। वह 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान सिंगापुर में थीं, जहां उनकी मुलाकात एक दंपति से हुई, जिन्होंने उन्हें जुआन फालुन पढ़ने का सुझाव दिया। थाओ ने कहा, "नियमित दैनिक पठन के माध्यम से, मैं धीरे-धीरे फालुन दाफा साधना के गहन सिद्धांतों को समझने और उनकी सराहना करने लगी। मैंने अपने दोनों बच्चों को जुआन फालुन से परिचित कराया, और उन्होंने भी फालुन दाफा का अभ्यास शुरू कर दिया है।"

फालुन दाफा ने उन्हें शांति, आत्मविश्वास, सुनने की क्षमता और धैर्य प्रदान किया। अब वे अपने परिवार से झगड़ा नहीं करतीं और उन्होंने अन्य अभ्यासियों की निःस्वार्थ सहायता करना सीख लिया है। उनके जीवन में आए बदलावों का असर उनके माता-पिता पर भी पड़ा, जिन्होंने फालुन दाफा का अभ्यास शुरू किया और उनके स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ।

“मास्टरजी, आप को धन्यवाद, और हमेशा हमारे साथ रहने के लिए भी धन्यवाद! फालुन दाफा अच्छा है!” थाओ ने कहा।

घर पर अपनी माँ को जुआन फालुन पढ़ते हुए सुनकर, विश्वविद्यालय की छात्रा हन्ह को इसकी शिक्षाओं का तर्क स्पष्ट लगा और यह अन्य धार्मिक ग्रंथों की तरह अस्पष्ट और समझने में कठिन नहीं था, इसलिए उसने स्वयं इस पुस्तक को पढ़ने का निर्णय लिया। फिर जुआन फालुन के तीसरे प्रवचन में जीवन की उत्पत्ति के बारे में एक अंश ने उसका दृष्टिकोण बदल दिया और उसने फालुन दाफा का अभ्यास करने का निश्चय किया।

हन्ह ने कहा, “मैं पहले इस बात को लेकर असमंजस में रहती थी कि हम इस दुनिया में क्यों आए और मृत्यु के बाद क्या होता है। अब मैं समझती हूँ कि हमारे नैतिक चरित्र का पतन ही हमें सबसे निचले स्तर पर ले जाता है। इसी बात ने मुझे आत्म-सुधार करने, अपने चरित्र को बेहतर बनाने और अपने वास्तविक घर लौटने के लिए प्रेरित किया।”

अब मैं अपने अंतर्मुखी स्वभाव के प्रति अधिक जागरूक हूँ, और जब भी कोई विवाद उत्पन्न होता है, मैं सक्रिय रूप से स्व:निरीक्षण करती हूँ। पहले मैं उदासीन और अंतर्मुखी थी क्योंकि मुझे दूसरों के द्वारा आलोचना किए जाने का डर था और मेरा अहंकार प्रबल था, लेकिन अब मैं अधिक खुली और दूसरों के प्रति विचारशील हूँ, और मुझे आसानी से क्रोध नहीं आता। मैं अधिक खुश हूँ और अधिक सहज महसूस करती हूँ।

थाओ का बेटा खीम पर्थ में हाई स्कूल में पढ़ता है। खीम ने हाल ही में बताया कि उसने फालुन दाफा को सही मायने में समझना और सत्य, करुणा और सहनशीलता का अभ्यास करना शुरू कर दिया है।

“बचपन में मेरा परिवार अक्सर जगह बदलता रहता था, जिसका मतलब था कि मुझे अक्सर नए स्कूलों में जाना पड़ता था और नए दोस्त बनाने पड़ते थे। घुलमिल जाने के लिए, मुझे अक्सर ट्रेंड्स को फॉलो करने और इंटरनेट पर हर जगह चर्चा में रहने वाले नए मीम्स और गेम्स में हिस्सा लेने का दबाव महसूस होता था। मैं लोकप्रिय गेम्स डाउनलोड करता था, उन्हीं यूट्यूबर्स को देखता था और आम बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल करता था, सिर्फ इसलिए कि मैं अकेला न रह जाऊं। हालांकि, जब से मैंने फालुन दाफा का अभ्यास शुरू किया है, मैंने अपने आप में एक बड़ा बदलाव महसूस किया है। अब मैं शांत और अधिक एकाग्र महसूस करता हूं, और मुझे अब अपने साथियों के साथ घुलमिल जाने का दबाव महसूस नहीं होता।” खीम ने कहा।

“अभ्यास के माध्यम से, मुझे धीरे-धीरे अपनी आसक्तियों को त्यागने और मन को शांत रखने का महत्व समझ में आया है। हालांकि मैंने लगन से अभ्यास नहीं किया है, फिर भी मैं एक अभ्यासी के रूप में अपने दायित्वों को पूरा करने का प्रयास करूंगा,” उन्होंने कहा।

न्यूजीलैंड में एक युवा डॉक्टर आध्यात्मिकता की राह पर अग्रसर है

न्यूजीलैंड में रहने वाली झांग शेंग्शी ने मास्टर को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

न्यूजीलैंड में रहने वाले 23 वर्षीय झांग शेंग्शी फालुन दाफा के अभ्यासी हैं और बचपन से ही वे अपनी मां के साथ इसका अभ्यास करते आ रहे हैं। जब वे केवल तीन वर्ष के थे, तब उनकी मां को चीन में फालुन दाफा और उस पर हो रहे अत्याचारों के बारे में लोगों को बताने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से उनका जीवन उथल-पुथल से भरा रहा है, कई स्कूलों ने उन्हें दाखिला देने से इनकार कर दिया या उन्हें उच्च कक्षाओं में प्रवेश नहीं दिया। उन्हें बार-बार स्कूल बदलने पड़े, सिर्फ इसलिए कि उनकी मां फालुन दाफा का अभ्यास करती थीं। वे और उनकी मां चीन से भाग गए और अंततः न्यूजीलैंड पहुंच गए। 

न्यूजीलैंड में हाई स्कूल से स्नातक होने के बाद, उन्होंने पारंपरिक चीनी चिकित्सा का अध्ययन किया और अब वे एक लाइसेंस प्राप्त चीनी हर्बल मेडिसिन प्रैक्टिशनर डॉक्टर हैं।

वह हंसमुख और प्रसन्नमिजाज है और अपनी आध्यात्मिक साधना के कारण अपने साथियों से अधिक परिपक्व प्रतीत होते है। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातें समझते है जो उसके साथी आमतौर पर नहीं समझ पाते। इसका कारण यह है कि आजकल बहुत से लोग प्रसिद्धि और धन के पीछे भागते हैं, जबकि वह भौतिक संसार की इच्छाओं से मुक्त होकर आध्यात्मिक मार्ग पर चल रहे है।

उन्हें कई चमत्कारिक अनुभव हुए। हाई स्कूल की जीव विज्ञान कक्षा में जीवाणु संवर्धन के प्रयोग के लिए, उन्होंने हेयर ड्रायर और पाठ्यपुस्तक जैसी विभिन्न जगहों से रुई के फाहे का उपयोग करके चार नमूने एकत्र किए। इनमें से एक नमूना उनके अंगूठे का निशान था, जो उन्होंने हाथ धोने से पहले लिया था। कुछ समय बाद, अन्य तीन जगहों से एकत्र किए गए जीवाणु प्रचुर मात्रा में और विविध थे, लेकिन उनके अंगूठे के निशान के नमूने पर कोई जीवाणु नहीं था, जिसे विज्ञान स्पष्ट नहीं कर सका।

उन्हें फालुन दाफा के प्रति गहरी श्रद्धा है और वे कहते हैं, “मैं मास्टरजी को धन्यवाद देना चाहता हूँ। मेरे जन्म से पहले मेरी माँ को ट्यूमर था और वे गर्भवती नहीं हो पा रही थीं। फालुन दाफा का अभ्यास करने के बाद उनकी समस्याएँ दूर हो गईं और इस तरह मेरा जन्म हुआ।” वे मास्टरजी को नव वर्ष की शुभकामनाएँ देते हैं।