(Minghui.org) चीन के शांशी प्रांत के दातोंग शहर की 64 वर्षीय सुश्री चेन झोंगली को केवल फालुन गोंग का अभ्यास करने के कारण साढ़े तीन वर्ष की जेल की सज़ा सुनाई गई। फालुन गोंग एक आध्यात्मिक साधना पद्धति है, जिसका जुलाई 1999 से सीसीपी द्वारा दमन किया जा रहा है।
सुश्री चेन की जेल की सज़ा की शुरुआत 5 सितंबर 2025 को उनकी गिरफ्तारी से हुई। उस दिन वे घर लौट रही थीं, तभी गुचेंग पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस उन्हें घर ले गई और दरवाज़ा खोलने का आदेश दिया। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया, तो पुलिस ने उनकी बाँहें मरोड़ दीं, लेकिन वे झुकी नहीं। लगभग एक घंटे तक गतिरोध रहने के बाद पुलिस ने ताला खोलने के लिए एक ताला बनाने वाले (लॉकस्मिथ) को बुला लिया।
पुलिस ने उनके घर से फालुन गोंग की पुस्तकें, फालुन गोंग के संस्थापक का चित्र, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित 10,000 युआन से अधिक मूल्य की वस्तुएँ जब्त कर लीं। इसके बाद उन्हें पिंगचेंग जिला पुलिस विभाग ले जाया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने बताया कि उनके एक पड़ोसी ने अपार्टमेंट भवन के गलियारे में फालुन गोंग संबंधी जानकारी वाले स्टिकर लगाने की शिकायत की थी। सुश्री चेन ने जब्त की गई वस्तुओं की सूची पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उसी रात उन्हें दातोंग शहर के प्रथम हिरासत केंद्र भेज दिया गया।
8 सितंबर 2025 को उनकी बेटी को दातोंग शहर घरेलू सुरक्षा ब्यूरो बुलाया गया, जहाँ उसे हिरासत की सूचना दी गई। इस सूचना में गिरफ्तारी की तारीख 6 सितंबर दर्ज थी, जबकि वास्तविक गिरफ्तारी 5 सितंबर को हुई थी।
अधिकारियों के प्रतिशोध के भय से कई वकीलों ने सुश्री चेन का मामला लेने से इनकार कर दिया। अंततः 21 सितंबर 2025 को उनका परिवार एक वकील नियुक्त करने में सफल हुआ।
वकील ने हिरासत केंद्र में सुश्री चेन से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि प्रहरी गुओ जियाजिया ने दो कैदियों—ली सिशियान और सुन युनशियांग—को उन्हें पीटने का निर्देश दिया था। वे उन्हें फालुन गोंग की निंदा करने वाले टीवी कार्यक्रम देखने के लिए मजबूर करते थे। जब उन्होंने इनकार किया, तो उनकी और अधिक पिटाई की गई। यदि उन्हें लगता कि वे कोई काम धीरे कर रही हैं, तब भी उन्हें मारा जाता था। वकील ने मुलाकात के दौरान उनके चेहरे पर पड़े चोट के निशान स्पष्ट रूप से देखे।
बाद में उन कैदियों में से एक बीमार पड़ गई। सुश्री चेन ने उसकी देखभाल की, जिससे वह प्रभावित हुई और उसने उन्हें मारना बंद कर दिया।
वकील ने इस दुर्व्यवहार की शिकायत निरोध केंद्र में नियुक्त अभियोजक से की। अभियोजक ने मामले की जाँच का आश्वासन दिया, लेकिन प्रहरी गुओ ने सुश्री चेन को धमकाना जारी रखा। हर बार वकील से मुलाकात के बाद वह कहती, "मैंने तुम्हारी और तुम्हारे वकील की बातचीत सुन ली है। मैं सुनिश्चित करूँगी कि तुम यहीं हिरासत में बनी रहो!"
अधिकारी ली गुओयुआन ने भी हिरासत केंद्र में उनसे पूछताछ की। जब उन्होंने अपना "अपराध" स्वीकार करने से इनकार किया, तो उसने उनके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार करने की धमकी दी। इसके अतिरिक्त, क्योंकि उन्होंने निरोध केंद्र के नियमों को दोहराने से इनकार कर दिया, इसलिए उन्हें तौलिया और अन्य बुनियादी आवश्यक वस्तुएँ भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। उनके परिवार ने 11 सितंबर 2025 को उनके खाते में पैसे जमा किए थे, लेकिन उन्हें उनका उपयोग करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्हें अपना चेहरा पोछने के लिए दूसरों से तौलिया उधार लेना पड़ता था।
23 सितंबर 2025 को पिंगचेंग जिला प्रोक्यूरेटोरेट की अभियोजक छिन श्यूजुआन ने उनके विरुद्ध औपचारिक गिरफ्तारी वारंट जारी किया। 1 दिसंबर को मामला युनगांग जिला प्रोक्यूरेटोरेट को स्थानांतरित कर दिया गया। अभियोजक हे फेंग ने शीघ्र ही उन पर अभियोग दायर किया और 26 दिसंबर 2025 को मामला युनगांग जिला न्यायालय भेज दिया।
28 मई 2026 को हुई पहली सुनवाई में उनके वकील को न तो मामले की फाइल देखने की अनुमति दी गई और न ही अदालत में उपस्थित होने की। उनके परिवार को भी अदालत में प्रवेश नहीं करने दिया गया और उन्हें बाहर ही इंतज़ार करना पड़ा।
16 जून 2026 को दूसरी सुनवाई हुई। अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश युआन चेंगगुआंग ने एक बार फिर उनके परिवार और वकील को अदालत में आने से रोक दिया। अगले ही दिन उन्होंने सुश्री चेन को साढ़े तीन वर्ष के कारावास की सज़ा सुना दी।
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